Artificial Intelligence AI की मदद से आज लाखों रुपए कैसे कमाए

Artificial Intelligence : अगर आप एक वर्किंग प्रोफेशनल हैं और इस बात को लेकर के अक्सर टेंशन में रहते हैं कि कहीं एआई के चलते आपकी जॉब तो नहीं चली जाएगी, तो वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने कहा है कि आने वाले दिनों में एआई यानी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चलते लगभग 12 मिलियन यानी कि 1 करोड़ 20 लाख नए जॉब्स क्रिएट होंगे ,वहीं इंडिया एक टैलेंट हब है और अगस्त 2023 तक यहां पर लगभग 416000 AI प्रोफेशनल्स हैं पर डिमांड लगभग 6 29000 एआई प्रोफेशन की है ,यानी डिमांड और सप्लाई में गैप काफी ज्यादा है और 2026 तक की डिमांड बढ़ते बढ़ते 1 मिलियन तक पहुंच जाएगी, यानी एआई या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में करियर बनाने का यह सबसे बेस्ट टाइम है तो चलिए जानते हैं आप एआई में अपना करियर कैसे बना सकते हैं

Artificial Intelligence
Artificial Intelligence

Artificial Intelligence हेलो हां क्या है

Artificial Intelligence : वैसे क्या आपको बताना पड़ेगा कि एआई क्या है हर वो टेक्नोलॉजी जो हमारा काम आसान बना रही है या हमारा काम कर रही है वह एआई ही है जैसे google.map पर वॉइस असिस्टेंट चैट जीटीपी, अमेजॉन अलेक्सा, या फिर किसी भी कंपनी का व्हाट्सएप सपोर्ट, जहां आपको ऑटोमेटिक कमांड्स मिलते हैं फैक्ट्री में लगे रोबोटिक आर्म, ड्राइवरलेस car यह सब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ही है , आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दरअसल अपने इनिशियल स्टेज पर ही है तो फिलहाल आई हमारे एबिलिटी और हमारे मदद के लिए ही है तो फिलहाल आप इसका इस्तेमाल करके अपने स्मार्ट इतिहास को आसानी से लोगों तक पहुंचा सकते हैं ऑटोमेटिक रोबोटिक आर्म ड्राइवरलेस कार यह सब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दरअसल अपने इनिशियल स्टेज ऑफ़ डेवलपमेंट में है जो हमारी एबिलिटी और स्किल्स को बढ़ाने के लिए है और लिंकडइन इंडिया की सीनियर डायरेक्टर ऑफ़ टैलेंटेड लर्निंग सॉल्यूशंस रुचि आनंद भी यही मानती है, एक रिपोर्ट रिपोर्ट की माने तो इंडिया में लगभग आने वाले दिनों में 74% जब बढ़ सकती है

तो अगर आप या आपके कोई जानने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अपना फ्यूचर देख रहे हैं, तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कोर्स करने के लिए 11th or 12th में फिजिक्स ,केमिस्ट्री ,मैथ्स होनी चाहिए साथ ही आगे की पढ़ाई कंप्यूटर साइंस ,आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सब्जेक्ट्स में होनी चाहिए, इसके बाद एआई से जुड़े किसी भी कोर्स में स्पेशलाइजेशन करके आप इस फील्ड में खुद को इंट्रोड्यूस कर सकते हैं किसी गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी में एआई की पढ़ाई करना चाहते हैं तो एंट्रेंस एग्जाम क्रैक करना होगा जो थोड़े डिफिकल्ट होते हैं अब जरा डिटेल में डिस्कस करते हैं

क्वालीफिकेशन की जरूरत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्सेज

क्वालीफिकेशंस की बात करें तो एआई में करियर बनाने के लिए आपका साइंस बैकग्राउंड से होना जरूरी है इंडिया में किसी भी अच्छी इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन पाने के लिए सबसे कॉमन एग्जाम है JEE इसके लिए जनरल कैटेगरी के कैंडिडेट का 75 % मार्क्स और SC ST कैटेगरी के कैंडिडेट का 65 % पर के साथ फिजिक्स केमिस्ट्री और बायोलॉजी में क्लास 12th पास होना जरूरी है JEEमेन देने के लिए कोई एज लिमिट नहीं है पर एक कैंडिडेट लगातार तीन बार ही एग्जाम अटेंप्ट कर सकता है इसके बाद एग्जाम में जो रैंकिंग आती है उसी के हिसाब से स्टूडेंट को आईआईटी एनआईटी ट्रिपल आईटी स्टेट लेवल इंजीनियरिंग कॉलेज या किसी भी प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन मिलता है

कंप्यूटर साइंस की जरूरत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स के लिए

इसके बाद आपको कंप्यूटर साइंस में अपनी इंजीनियरिंग की बैचलर डिग्री लेनी होती है जैसे इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंप्यूटर इंजीनियरिंग स्टेटिस्टिक्स डेटा साइंस वगैरह है या फिर किसी कॉलेज में अगर आपको बीटेक इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग का कोर्स मिल जाता है तो यह तो बहुत ही बढ़िया बात है आईआईटी रुड़की आईआईटी गोवाहाटी आईआईटी हैदराबाद चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और यूपी ईएस देहरादून में आप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग के कोर्सेस पा सकते हैं यह तो वैसे कुछ ही नाम है इनके अलावा आप अपने स्टेट में भी कॉलेज और यूनिवर्सिटी ढूंढ सकते हैं

किन कॉलेज में हो रही है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई

इंडियन कॉलेजेस में बीटेक एन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सिलेबस की अगर बात की जाए तो मोटा-मोटा प्रोग्रामिंग फॉर एआई कंप्यूटर आर्किटेक्चर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फाउंडेशन ऑफ मशीन लर्निंग अप्लाइड स्टेटिस्टिक्स कंप्यूटर नेटवर्क्स न्यूरल नेटवर्क एंड डीप लर्निंग रोबोटिक्स एआई फॉर ह्यूमैनिटी न्यूरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग रिइंफोर्समेंट लर्निंग बिग डाटा और डिजाइन एंड एनालिसिस ऑफ एल्गोरिथम्स शामिल हैं इसके अलावा वर्कशॉप्स और प्रोजेक्ट वर्क्स भी होते हैं

तो अगर आप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में और आगे बढ़ना चाहते हैं तो आप इसमें मास्टर्स डिग्री भी पसू कर सकते हैं इसके लिए कैंडिडेट के पास किसी भी रिकॉग्नाइज्ड यूनिवर्सिटी से बैचलर्स डिग्री इन कंप्यूटर साइंस होनी चाहिए विद 50 पर या उससे ज्यादा मार्क्स होने चाहिए सिलेबस की बात करें तो कंप्यूटर आर्किटेक्चर एंड ऑर्गेनाइजेशन डेटा स्ट्रक्चर एंड एल्गोरिथम मैथमेटिक्स फॉर मशीन लर्निंग कंप्यूटर नेटवर्किंग डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग इंटरनेट टेक्नोलॉजीज एडवांस डेटा एनालिटिक्स डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग और बिग डेटा टेक्नोलॉजीज जैसे सब्जेक्ट्स कवर किए जाते हैं

पर एक बेहतर करियर के लिए सिर्फ मास्टर्स डिग्री ही काफी नहीं है अगर आप एक एआई एक्सपर्ट बनना चाहते हैं और अपने करियर को नई ऊंचाई देना चाहते हैं तो आपको सर्टिफिकेशन करना चाहिए क्योंकि जैसे-जैसे न्यू एज एआई टूल्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है इसके एक्सपर्ट्स की डिमांड भी बढ़ती ही जा रही है एसएनपी ग्लोबल की रिपोर्ट की हम माने तो 2028 तक जेनरेटिव एआई का मार्केट 10 गुना बढ़ जाएगा अब कुछ इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन कोर्सेस के बारे में जान लेते हैं स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टैनफोर्ड स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ग्रेजुएट सर्टिफिकेट कोर्स ऑफर कर करती है इनकी वेबसाइट पे आपको आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रिंसिपल्स एंड टेक्निक्स मशीन लर्निंग नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग विद डीप लर्निंग मशीन लर्निंग विद ग्राफ्स डीप लर्निंग फॉर कंप्यूटर विजन और रिइंफोर्समेंट लर्निंग जैसे ढेर सारे कोर्सेस मिल जाएंगे

तो जैसे-जैसे आप कोर्सेस को चूज करेंगे उसी हिसाब से उसकी फीस लगेगी पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ग्रेजुएट सर्टिफिकेट कोर्स का टोटल कॉस्ट $18000 से $30000 के बीच में है इस कोर्स को करने के लिए स्टूडेंट्स को प्रोग्रामिंग एक्सपीरियंस होना चाहिए linux Command Line Workflows, Java , Java Script,CC ,C++, Python, जैसे सिमिलर लैंग्वेज की समझ होनी चाहिए ज्यादातर स्टूडेंट इस कोर्स को 1 साल से 2 साल के अंदर पूरे कर लेते हैं अगर आपको स्टैनफोर्ड का सर्टिफिकेशन कोर्स महंगा लग रहा है तो अगला कोर्स आप फ्री में कर सकते हैं वह है आईबीएम ए इंजीनियरिंग इसमें आप डीप लर्निंग न्यूरल नेटवर्क , और मशीन लर्निंग एल्गोरिथम सीख सकते हैं ,साथ ही एआई टूल्स जैसे पाई टॉर्च और टेंसर फ्लो फलो के जरिए डीप लर्निंग मॉडल्स बनाना भी सिखाया जाता है हर हफ्ते 10 घंटे की क्लास अटेंड करके आप यह कोर्स दो महीने में कंप्लीट कर सकते हैं इसके अलावा आईबीएम अप्लाइड एआई प्रोफेशनल प्रोग्राम ऑफर करता है इससे स्टूडेंट्स मिनिमम कोडिंग के साथ एआई एप्लीकेशंस को बिल्ड करना सीख सकते हैं

अब बात करते हैं एक और टेक जाइंट कंपनी के कोर्स की यह है माइक्रोसॉफ्ट आई इंजीनियरिंग एसोसिएट सर्टिफिकेशन कोर्स की इस कोर्स को पूरा होने के बाद इसमें स्टूडेंट्स Azure Platform Azure Cognitive सर्विसेस बना सकते हैं मैनेज कर सकते हैं और एआई एप्लीकेशंस को डिप्लॉयड साइंटिस्ट जो मशीन लर्निंग के लिए एर को यूज करना चाहते हैं उनको माइक्रोसॉफ्ट से ट्रेनिंग मटेरियल भी दिए जाते हैं इसलिए एर डाटा साइंटिस्ट एसोसिएट कोर्स को लेना फायदेमंद है जो मशीन लर्निंग मॉडल्स की जानकारी देता है अगर आपको हाई रेटेड एआई प्रोग्राम्स में खुद को एनरोल करना है तो deeplearning.ai भी एक अच्छा प्लेटफार्म है कोर्सरा के कोफाउंडर ने इसकी शुरुआत की थी यहां पर हर तरह के स्किल लेवल का कोर्स अवेलेबल है इनके पास एआई फॉर गुड नाम से इंट्रोडक्टरी कोर्स भी है और इंटरमीडिएट एंड एडवांस्ड कोर्सेस भी हैं साथ ही नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग नाम से फ्री कोर्स में भी आप एनरोल हो सकते हैं स्टूडेंट के पास मशीन लर्निंग और इंटरमीडिएट python2 होनी चाहिए 

तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फाउंडेशन नाम का कोर्स करेंगे तो आप एआई मॉडल्स को रन करना सीख पाएंगे साथ ही डीप लर्निंग इमेज रिकग्निशन कोर्स के जरिए आप इन डेप्थ सर्टिफिकेशन भी कर सकते हैं इसके लिए आपको पाइथन और टेंसर फ्लो की नॉलेज होनी चाहिए के बहुत से टॉपिक्स कवर्ड होते हैं google3 के इस कोर्स को करने के लिए पाइथन और नंपी लाइब्रेरीज की नॉलेज आपको होनी चाहिए अब अगर बैचलर मास्टर्स और सर्टिफिकेशन के बाद आप एआई इंजीनियर बन गए तो आपको क्या करना होगा यह भी जान लेते हैं सो बेसिकली एक एआई इंजीनियर अपने क्लाइंट्स या कंपनी के बिजनेस इनसाइट्स को समझते हुए और मशीन लर्निंग एल्गोरिथम्स एंड डीप लर्निंग न्यूरल नेटवर्क्स काते माल करके एआई मॉडल्स डेवलप करता है एक एआई इंजीनियर में प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और डेटा साइंस की अंडरस्टैंडिंग होनी चाहिए इसके अलावा अलग-अलग एआई टूल्स को यूज करते हुए डेटा प्रोसेसिंग और एआई सिस्टम्स को डेवलप एंड मेंटेन भी करना पड़ता है तो एक एआई इंजीनियर में जिन क्वालिटीज की जरूरत पड़ती है वह है प्रोग्रामिंग स्किल्स सबसे पहले तो एआई इंजीनियर का प्रोग्रामिंग में हाथ मजबूत होना चाहिए जैसे किए जा सके और मॉडल्स डेवलप हो सके इसके लिए इंजीनियर का लीनियर अलजेब्रा प्रोबेबिलिटी और स्टैटिक्स में तेज होना जरूरी है एक्सपर्टीज इन स्पार्क एंड बिग डाटा टेक्नोलॉजीज एक एआई इंजीनियर को अक्सर लार्ज वॉल्यूम डाटा के साथ काम करना होता है जिसकी स्ट्रीमिंग और रियल टाइम प्रोडक्शन लेवल का डाटा टेराबाइट्स या पेटाबाइट्स तक पहुंच जाता है

तो ऐसे डाटा को हैंडल करने के लिए स्पार्क और कई दूसरी बिग डाटा टेक्नोलॉजीज में एक्सपर्टीज की जरूरत पड़ती है इंप्लीमेंट करने के लिए एल्गोरिथम्स एंड फ्रेमवर्क्स की डीप नॉलेज आपको होनी चाहिए क्योंकि बिग वॉल्यूम डाटा अक्सर अनस्ट्रक्चर्ड फॉर्मेट में भी अवेलेबल होता है जिसे स्ट्रक्चर्ड फॉर्मेट में लाने के लिए न्यूरल नेटवर्क री करंट न्यूरल नेटवर्क और जेनरेटिव एडवर्सरियल नेटवर्क जैसे मशीन लर्निंग मॉडल्स की समझ भी चाहिए होती है तो टेक्निकल स्किल्स के अलावा भी एक टीम प्लेयर बनने के लिए एक एआई इंजीनियर में अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटीज टाइम मैनेजमेंट टीम वर्क क्रिटिकल थिंकिंग एबिलिटी और बिजनेस इंटेलिजेंस की समझ होनी जरूरी है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ब्राइट फ्यूचर वाला करियर फील्ड है चाहे डिजाइनिंग हो बिजनेस एजुकेशन रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑटोमोबिल मेडिकल हर कहीं पर एआई का इस्तेमाल हो रहा है इंडिया में एंट्री लेवल पर भी आ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोफेशनल को एवरेज सैलरी के तौर पर 8 से ₹ लाख का ईयरली पैकेज आसानी से मिल जाता है वहीं अच्छी एक्सपीरियंस के साथ यरली 50 लाख तक का पैकेज भी आपको मिल सकता है

यह काफी कुछ आपकी नॉलेज और स्किल पर डिपेंड करेगा amazonflex.in उसे भी दूर कर देते हैं जैसे कि क्या एआई इंजीनियर हार्ड होती है तो जवाब है हां एआई इंजीनियरिंग चैलेंजिंग तो होती है स्पेशली उनके लिए जो इस फील्ड में नए हैं और कंप्यूटर साइंस प्रोग्रामिंग एंड मैथमेटिक्स में जिनका लिमिटेड एक्सपीरियंस है पर सही ट्रेनिंग प्रैक्टिस और डेडिकेशन से एआई इंजीनियरिंग में प्रोफिशिएंट बना जा सकता है अगर आपका अगला सवाल है कि क्या बिना डिग्री के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में करियर बनाया जा सकता है तो इसका जवाब है इस फील्ड में डिग्री हो तो बहुत अच्छी बात है पर ऐसे ढेर सारे ऑनलाइन कोर्सेस बूट कैंप्स और दूसरे ट्रेनिंग प्रोग्राम्स से जिनके साथ एआई डेवलपमेंट का प्रैक्टिस एक्सपीरियंस आप हासिल कर सकते हैं पर उसके लिए कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का सॉलिड फाउंडेशन होना डाटा स्ट्रक्चर और एल्गोरिदम की समझ बहुत जरूरी है अब जान लेते हैं कुछ वैसे जॉब प्रोफाइल्स के बारे में जिन पे एक एआई प्रोफेशनल काम कर सकता है मशीन लर्निंग इंजीनियर एक मशीन लर्निंग इंजीनियर में सेल्फ रनिंग सॉफ्टवेयर को डेवलप डिज़ाइन और डिप्लॉयडी होती है

ऐसे सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन से ऑटोमेट प्रोडक्टिव मॉडल्स बनाए जाते हैं एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के तौर पर कंप्यूटर साइंस डेटा प्रोग्रामिंग मैथमेटिक्स और रिलेटेड पील्स की जानकारी होनी चाहिए इस प्रोफाइल पे एंट्री लेवल एनुअल सैलरी होती है ₹ लाख डाटा साइंटिस्ट की बात करें तो इस प्रोफाइल पर डेटा कलेक्शन एनालिसिस और कॉम्प्लेक्शन का काम करना पड़ता है इसके लिए एनालिटिकल और स्टेटिस्टिक्स को यूज करना होता है इसके लिए बैचलर्स डिग्री या मास्टर्स डिग्री इन डाटा साइंस बहुत जरूरी है और लेवल सैलरी होती है ₹ लाख पर ईयर एक एआई रिसर्च साइंटिस्ट का काम होता है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एसिस्टिंग मॉडल्स पर एक्सपेरिमेंट्स करना और नए एल्गोरिथम्स डेवलप करना वैसे आसान भाषा में कहे तो कंप्यूटर कैसे सोचता है काम करता है उसी को इंप्रूव और मॉडिफाई करना एक एआई रिसर्च साइंटिस्ट का काम होता है इस प्रोफाइल पर एंट्री लेवल एनुअल सैलरी होती है लगभग 3 से 4 लाख इन सबके अलावा रोबोटिक्स इंजीनियर यस डिजाइनर बिग डाटा एनालिस्ट और बिजनेस इंटेलिजेंस डेवलपर जैसे रोल्स भी एआई एक्सपर्ट को ऑफर होते हैं अगर आप एक एआई एंथू सियास्ट हैं तो यह जानकर एक्साइटेड हो जाएंगे कि जॉब लिस्टिंग वेबसाइट इनडीड के मुताबिक जुलाई 2021 से जुलाई 2023 के बीच जेनरेटिव एआई से जुड़ी जॉब पोस्टिंग्स में 250 प्र का इजाफा हुआ उम्मीद है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पे करियर बनाने को लेकर के आपको काफी जानकारी मिल गई होगी 

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